₹1.24 करोड़ खर्च, फिर भी यमुनानगर के नाले बदहाल; जलभराव से लोग परेशान
यमुनानगर में नालों की सफाई पर करीब 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाने और 100 कर्मचारियों की तैनाती के दावों के बावजूद कई बाहरी कॉलोनियों में नाले कचरे और गाद से भरे हैं। बारिश के दौरान जलभराव और गंदा पानी लोगों के घरों व गलियों तक पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई की मांग की है।

वंदे न्यूज़ संवाददाता ,यनगरमुना: मानसून के दौरान यमुनानगर में नालों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम ने नालों की सफाई के लिए करीब 1.24 करोड़ रुपये का बजट तय किया है और लगभग 100 कर्मचारियों के काम में लगे होने का दावा किया है। इसके बावजूद शहर की कई बाहरी कॉलोनियों में नाले कचरे और गाद से भरे पड़े हैं, जिससे जलभराव और गंदे पानी की समस्या बनी हुई है।
नगर निगम ने शहर को तीन जोन में बांटकर सफाई का जिम्मा दो एजेंसियों को सौंपा है। वार्ड 1 से 8 के लिए 16 लाख रुपये, वार्ड 9 से 14 के लिए 31 लाख रुपये, वार्ड 15 से 22 के लिए 27 लाख रुपये और मुख्य नालों की सफाई के लिए करीब 50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
जमीनी पड़ताल में वार्ड-12 सहित कई इलाकों में नालों की सफाई संतोषजनक नहीं मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सफाई कर्मचारी क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं और नालियां प्लास्टिक, कचरे व गाद से भरी हुई हैं। कई जगह गंदा पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है।
वहीं नगर निगम का कहना है कि बड़े नालों की नियमित सफाई की जा रही है। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि बाड़ी माजरा क्षेत्र में तालाब के ओवरफ्लो होने से निकासी की समस्या आई थी, जिसके समाधान के लिए टीम भेज दी गई है।
